The Fact About Sad Shayari That No One Is Suggesting

बैठे बैठे भीग जाती है पलकें दर्द छुपाना नहीं आता

तू था तो रंगीन थी, अब सब कुछ बेरंग सा लगने लगा।

कभी सोचा था, बिना तुमसे जीना मुश्किल होगा,

वो जो कभी कहते थे, हम तुम्हारे बिना जी नहीं सकते,

वो बस वक्त और हालात के साये में टूट जाते हैं…!!!

आंसू छुपा रहा हूँ तुमसे दर्द बताना नहीं आता

किसी को अपना बनाना आसान होता है, पर उसे निभाना हर किसी के बस की बात नहीं।

तू चला गया तो क्या हुआ, तेरी यादों का कारवां तो अब भी रुका है।

पर अब सोचते हैं, क्या हमने सही किया क्या।

वरना ख़ामोशी को लोग अक्सर गलत समझते हैं।

जिंदगी में जब कोई अपना नहीं होता, तब दर्द भी अपना सा लगने लगता है।

फिर तुझे ढूंढने मेरी आँख के आँसू निकले.

बहुत चाहा तुझे, बहुत रोया तेरे लिए, पर तुझे फर्क ही कब पड़ा मेरे लिए।

अब Sad Shayari सोचते हैं, क्या तुमने कभी समझा क्या।

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